Dhadkan

मैंने रब से कहा वो चली गयी मुझे छोड़कर, उसकी जाने क्या मज़बूरी थी; रब ने मुझसे कहा इसमें उसका कोई कसूर नहीं, यह कहानी मैंने लिखी ही अधूरी थी।